
जय साईं राम, जय साईं राम।
भक्तों के संकट हरहु, बाबा सदा।।
जय साईं राम…
शंख-घंटा, दीप और पुष्प अर्पित कर,
भक्तों की मनोकामना पूर्ण करहु बाबा।।
जय साईं राम…
साईं बाबा, गुरु और पथ प्रदर्शक,
सदा सुख-समृद्धि, दृष्टि रखो भक्तों पर बाबा।।
जय साईं राम…
अन्न और भोग में अर्पित, भक्तों का कल्याण करहु,
संकट दूर करहु, जीवन में शांति लाओ बाबा।।
जय साईं राम…
आरती साईं की, जय साईं बाबा।
सदा मंगलकारी, भक्तों के पाप हरहु बाबा।।
जय साईं राम…
shribrahmaji.space , maasaraswati.online , shriramji.online , maasita.online , veerhanuman.online